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Showing posts from May, 2020

संगीतमाला:भारत माता तेरा आँचल , हरा – भरा धानी – धानी।

भारत माता तेरा आँचल , हरा – भरा धानी – धानी। मीठा – मीठा चम् -चम करता , तेरी नदियों का पानी। २ हरी हो गयी बंजर धरती , नाचे झरनो में बिजली। सोना चांदी उगल रही है , तेरी नदियों का पानी। भारत माता तेरा आँचल , हरा – भरा धानी – धानी। मीठा – मीठा चम् -चम करता , तेरी नदियों का पानी। मस्त हवा जब लहराती है , दूर – दूर तक पहुंचाती है। तेरे ऊँचे ऊँचे पर्वत , निडर बहादुर सेनानी  . भारत माता तेरा आँचल , हरा – भरा धानी – धानी। मीठा – मीठा चम् -चम करता , तेरी नदियों का पानी।

N.Y. State of Mind NAS RAP LYRICS

Yeah, yeah Ayo, Black, it's time Word, word, it's time, man It's time, man Aight, man, begin Yeah, straight out the fuckin' dungeons of rap Where fake niggas don't make it back I don't know how to start this shit, yo, now Rappers I monkey flip 'em with the funky rhythm I be kickin' Musician, inflictin' composition, of pain I'm like Scarface sniffin' cocaine Holdin' a M16, see with the pen I'm extreme Now, bullet holes left in my peepholes I'm suited up in street clothes Hand me a nine and I'll defeat foes Y'all know my steelo with or without the airplay I keep some E&J, sittin' bent up in the stairway Or either on the corner bettin' Grants with the cee-lo champs Laughin' at base-heads, tryna sell some broken amps G-packs get off quick, forever niggas talk shit Reminiscin' about the last time the task force flipped Niggas be runnin' through the block shootin' Ti...

Mahakavi Magh GREAT POET MAGH

माघ, मारवाड़ के प्राचीनतम महाकाव्य 'शिशुपालवध' के रचियता थे। 'माघ' का जन्म भीन-माल के एक प्रतिष्ठित धनी श्रीमाली ब्राह्मण-कुल में हुआ था। उनकी पत्नी का नाम विद्यावती था[कृपया उद्धरण जोड़ें]। वे सर्वश्रेष्ठ संस्कृतमहाकवियों की त्रयी (माघ, भारवि, कालिदास) में अन्यतम हैं।[कृपया उद्धरण जोड़ें] उन्होंने शिशुपाल वध नामक केवल एक ही महाकाव्य लिखा। इस महाकाव्य में श्रीकृष्ण के द्वारा युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ में चेदिनरेश शिशुपाल के वध का सांगोपांग वर्णन है। उपमा, अर्थगौरव तथा पदलालित्य - इन तीन गुणों का सुभग सह-अस्तित्व माघ के कमनीय काव्य में मिलता है, अतः "माघे सन्ति त्रयो गुणा:" उनके बारे में सुप्रसिद्ध है।इनके पिता का नाम दत्तक था ।राजस्थान पाठ्यपुस्तक मंडल द्वारा राजकीय विधालयो की कक्षा 8 की हिंदी की पुस्तक के अनुसार इनकी पत्नी का नाम माल्हण है । माघ संस्कृतकवि माघजन्म७ वीं शताब्दी श्रीमल (वर्त्तमान भीनमाल, राजस्थान)व्यवसायकवि निरूपणसंपादित करें माघ को संस्कृत आलोचकों व विद्वानों द्वारा प्रायः एक प्रकाण्ड सर्वशा...

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24-5-2020 way of service

मैं एक स्टूडेंट( विद्यार्थी ) हूँ | सेवा का अपना तरीका मैं ऑफिस बस से ही आती जाती हूँ । ये मेरी दिनचर्या का हिस्सा हैं । उस दिन भी बस काफ़ी देर से आई, लगभग आधे-पौन घंटे बाद । खड़े-खड़े पैर दुखने लगे थे । पर चलो शुक्र था कि बस मिल गई । देर से आने के कारण भी और पहले से ही बस काफी भरी हुई थी । बस में चढ़ कर मैंनें चारों तरफ नज़र दौडाई तो पाया कि सभी सीटें भर चुकी थी । उम्मीद की कोई किरण नज़र नही आई ।  तभी एक मजदूरन ने मुझे आवाज़ लगाकर अपनी सीट देते हुए कहा, "मैडम आप यहां बैठ जाये ।" मैंनें उसे धन्यवाद देते हुए उस सीट पर बैठकर राहत को सांस ली । वो महिला मेरे साथ बस स्टांप पर खड़ी थी तब मैंने उस पर ध्यान नही दिया था । कुछ देर बाद मेरे पास वाली सीट खाली हुई, तो मैंने उसे बैठने का इशारा किया । तब उसने एक महिला को उस सीट पर बिठा दिया जिसकी गोद में एक छोटा बच्चा था । वो मजदूरन भीड़ की धक्का-मुक्की सहते हुए एक पोल को पकड़कर खड़ी थी । थोड़ी देर बाद बच्चे वाली औरत अपने गन्तव्य पर उतर गई । इस बार वही सीट एक बुजुर्ग को दे दी, जो लम्बे समय से बस में खड़े थे । मुझे आश्चर...